दस्तावेज़ · 26 अक्टूबर 2026 की स्थिति के अनुसार

दोपहिया वाहन पर साथ रखने वाले दस्तावेज़

रोज़ के आने-जाने में एक सामान्य निजी स्कूटर या मोटरसाइकिल के लिए चार दस्तावेज़ काफ़ी हैं: आपका ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र, उसका बीमा प्रमाणपत्र और एक चालू PUC प्रमाणपत्र। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हर राज्य को सरकार के DigiLocker और mParivahan ऐप में मौजूद संस्करण स्वीकार करने का परामर्श दिया है, और दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस के अनुसार काग़ज़ के मूल दस्तावेज़ या इन ऐप वाले संस्करण, दोनों में से कोई भी वैध है; इस बारे में अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस का रुख़ जाँचें।

क्या साथ रखें

Motor Vehicles Act (मोटर वाहन अधिनियम) की धारा 158(1), जिसे 2019 के संशोधन ने प्रतिस्थापित किया, कहती है कि सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन चलाने वाले व्यक्ति को, राज्य सरकार द्वारा अधिकृत वर्दीधारी पुलिस अधिकारी के माँगने पर, बीमा प्रमाणपत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस पेश करना होगा। परिवहन वाहनों के लिए उनका फ़िटनेस प्रमाणपत्र और परमिट भी ज़रूरी है। धारा 146 कहती है कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर ऐसी बीमा पॉलिसी के बिना मोटर वाहन का इस्तेमाल नहीं कर सकता जो अधिनियम के थर्ड-पार्टी जोखिमों के विरुद्ध बीमा वाले अध्याय की शर्तें पूरी करती हो; धारा 147 कहती है कि उस पॉलिसी में सार्वजनिक स्थान पर वाहन के इस्तेमाल से होने वाली किसी भी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक चोट की देनदारी, और थर्ड-पार्टी संपत्ति को हुए नुक़सान का कवर होना चाहिए।

स्रोत: The Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019 (No. 32 of 2019), Gazette of India Extraordinary, 9 अगस्त 2019 (Ministry of Law and Justice (Legislative Department), PRS Legislative Research के माध्यम से), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। हमने संशोधन अधिनियम का पाठ जाँचा है; केंद्र सरकार ने इसके प्रावधान अलग-अलग अधिसूचित तारीख़ों से लागू किए।

डिजिटल प्रतियाँ: DigiLocker और mParivahan

23 सितंबर 2019 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को पत्र लिखकर कहा कि DigiLocker या mParivahan के ज़रिए दिखाए गए दस्तावेज़ स्वीकार किए जाएँ। उसके परामर्श में कहा गया है कि मंत्रालय ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 (केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989) के नियम 139 में संशोधन किया है, ताकि वर्दीधारी अधिकारी या राज्य द्वारा अधिकृत कोई अन्य अधिकारी माँगे, तो पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, PUC प्रमाणपत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज़ काग़ज़ी या इलेक्ट्रॉनिक रूप में पेश किए जा सकें। उसमें यह भी कहा गया है कि अगर आप डिजिटल प्रति नहीं दिखा पाते, मसलन फ़ोन पास न होने के कारण, तो प्रवर्तन अधिकारी लाइसेंस नंबर या वाहन नंबर से अपने mParivahan या ई-चालान ऐप पर आपके लाइसेंस और RC का विवरण जाँच सकते हैं। राज्यों को दिया गया परामर्श प्रवर्तन एजेंसियों के लिए मार्गदर्शन है, इस बात का वादा नहीं कि हर बार रोके जाने पर क्या होगा।

स्रोत: Advisory No. RT-11036/64/2017-MVL, 23 सितंबर 2019: Acceptance of the Driving Licence (DL), Certificate of Registration (RC), Vehicle Insurance or other information presented through Digi-locker or m-Parivahan platform (Ministry of Road Transport and Highways (MVL Section), mParivahan साइट (Parivahan) पर उपलब्ध), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। हमने मंत्रालय का परामर्श पढ़ा है, स्वयं नियम 139 का संशोधित पाठ नहीं।

दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस के FAQ में नियम उल्लंघन पर रोके गए चालकों से कहा गया है कि वे लाइसेंस, RC, बीमा और PUC प्रमाणपत्र दिखाने के लिए तैयार रहें, और बताया गया है कि काग़ज़ी दस्तावेज़ या उनके DigiLocker या mParivahan ऐप वाले संस्करण वैध हैं। उसके दस्तावेज़ों वाले पेज पर दोनों आधिकारिक ऐप के लिंक हैं। हमने केवल दिल्ली का बयान जाँचा है; अन्य राज्यों के लिए अपने राज्य के परिवहन विभाग या ट्रैफ़िक पुलिस से जानकारी लें।

स्रोत: FAQ — What should I do if I am stopped by traffic police for a violation? (Delhi Traffic Police); Documents required in original while driving (Delhi Traffic Police), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।

हमारी ओर से कुछ व्यावहारिक बातें: ऐप सड़क किनारे नहीं, घर पर ही सेट करें; अच्छा कनेक्शन रहते हुए दस्तावेज़ ऐप में ले आएँ; और फ़ोन चार्ज रखें, क्योंकि बंद पड़ा फ़ोन कोई दस्तावेज़ नहीं होता। ध्यान दें कि दिल्ली का FAQ ऐप वाले संस्करणों की बात करता है, आपके फ़ोन की गैलरी में रखी दस्तावेज़ों की तस्वीरों की नहीं।

अगर कोई दस्तावेज़ आपके साथ न हो

उसी 2019 के पाठ में धारा 158(3) कहती है कि अगर चालक ज़रूरी प्रमाणपत्र सात दिनों के भीतर उस पुलिस थाने में पेश कर दे जिसे उसने अधिकारी को बताया था, तो प्रमाणपत्र पेश न करने के लिए उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यह राहत परिवहन वाहनों के चालकों पर लागू नहीं होती, सिवाय उन स्थितियों के जो निर्धारित की गई हों। इस मोहलत के बजाय ऐप पर भरोसा करें।

स्रोत: The Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019 (No. 32 of 2019), Gazette of India Extraordinary, 9 अगस्त 2019 (Ministry of Law and Justice (Legislative Department), PRS Legislative Research के माध्यम से), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।

इसकी कितनी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है: एक राज्य का उदाहरण

दस्तावेज़ों से जुड़े अपराधों के लिए दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस की राशियाँ, 26 अक्टूबर 2026 को जाँची गईं
अपराधधारापहला अपराधबाद का अपराध
बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना3/181₹5,000₹5,000
बिना बीमा वाहन चलाना146/196₹2,000₹4,000
बिना PUC प्रमाणपत्र वाहन चलानाCMVR 115 / 190(2)₹10,000₹10,000

दूसरे राज्यों में राशियाँ अलग हो सकती हैं: धारा 200 राज्यों को कुछ अपराधों का शमन (कंपाउंड) करने देती है, और धारा 210A हर राज्य को एक से दस के बीच का गुणक लागू करने देती है।

स्रोत: Traffic violations & penalties (Delhi Traffic Police); The Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019 (No. 32 of 2019), Gazette of India Extraordinary, 9 अगस्त 2019 (Ministry of Law and Justice (Legislative Department), PRS Legislative Research के माध्यम से), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।

निजी एक्सपायरी ट्रैकर

अपने दस्तावेज़ों पर छपी वैधता की तारीख़ें दर्ज करें। तारीख़ें सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती हैं और कभी कहीं नहीं भेजी जातीं। 30 दिन वाली “जल्द नवीनीकरण कराएँ” अवधि हमारा अपना रिमाइंडर है, कोई क़ानूनी समय-सीमा नहीं।